दिल अभी पुरी तरह से टूटा नहीं है

दिल अभी पुरी तरह से टूटा नहीं है
उसे कहदो उसकी और भी मेहरबानी चाहिए
उसने जो ग़म दिए है उनका शुक्रिया
अरे प्यार में कुछ तो निशानी चाहिए

Zindgi per kitab likhunga…

· Posted in , ,

Zindgi per kitab likhunga…
Us mai sarey hisab likhunga….

Pyar ko waqt guzari lik kar…..
Chahton ko azaab likhunga.. ,

Hui barbad m0habbat kaisey….
Kaisey bikhry hain khuwab likhunga…. .

Apni khwahish ka tazkra kar k….
Naam tera jawab likhunga….

Teri ankhain sharab ki manind…..
Tera chehra gulaab likhunga….

Mai tuj se judai ka sabab….
Apni kismat kharab likhunga....

खामोशी से रहना वर्दाश्त नहीं मुझे

खामोशी से रहना वर्दाश्त नहीं मुझे
मरूंगा तो भी सन्नाटा तोड़ जाऊंगा ,
शीशा हूँ टूटूंगा तो बिखरूंगा
जीता हूँ हनक के साथ,
टूटूंगा खनक के साथ
खनक के साथ खामियाजा छोड़ जाऊंगा"

अपने गमो की युं नुमाईश ना कर..

अपने गमो की युं नुमाईश ना कर..
अपने नसीब की युं आझमाईश ना कर..
जो तेरा है तो तेरे दर पे खुद ही आयेगा..
रोज रोज उसे पाने की कोशीश ना कर.

Juda hona zaruri tha,

· Posted in ,

Juda hone ke mausam mein judahona zaruri tha,
Na jane kyun kisi ka bewfa hona zaruri tha.
Mere dil ne jo is ko poojane ki inteha kar di,
To phir us bewafa ka bhi khuda hona zaruri tha.
Kisi se koi bhi shikwa na koi bhi shikayat hai,
Jo mere sath chahat mein hua, hona zaruri tha.
Bahut nazdeek the dil is liye ab dooriyan bhi hain,
Dilon ke darmiyan kuchh fasla hona zarori tha.
Use bhi dard dene ka bahut hi shauk tha mujhe,
Hamein bhi Dard-o-Gham se aashna hona zarori tha.

दर्द की बाज़ार खुली परी हैं !

Friday, October 14, 2011 · Posted in


दर्द की बाज़ार खुली परी हैं !
वो चीज न लो जो अंदर से जली परी हैं !!
वफ़ा का तलाश छोर दो एय दोस्तों....!
ये दुनियाँ बेवफाओ से भरी परी हैं !

कौन किसको दिल में जगह देता है


कौन किसको दिल में जगह देता है,
पेड़ भी सूखे पत्ते गिरा देता है..
वाकिफ़ हैं हम दुनियाँ के रिवाज़ से,
साँस रुक जाए तो कोई अपना ही जला देता है.

Tum jao hum se door

· Posted in


Tum jao hum se door

 tu ek kaam kar jana

 kuch pal apne hamare naam kar jana

 Agar aa jaey maut hamen tere aane se pehly

 tu aa kar mere jinaze ka ehtaram kar jana

 Na rona is qadar k takleef ho hamen

 maut ko bhi mazaq samj kar anjan ban jana

 Main ek din so jaon ge sada k liye

 phir muje bewafa keh k badnaam kar jana

 Jo guzro meri qabar se tu nazren na pherna

 mehman he ban k dua salam kar jana

Mein ne to bohat chaha magar wo mila he nahi

· Posted in ,


"Mein ne to bohat chaha magar wo mila he nahi ...
 Laakh koshish ki magar fasla mita he nahi...
 Us ko majboor zamane ne is kadar kar diya k...
 Meri kisi saada par woh thehra he nahi...
 khuda se jholi pehla kay manga tha usay ...
 Khuda ne meri kisi dua ko sunna  he nahi...
 Har aik se pucha sabab us kay na milne ka ...
 Har eik ne kaha woh tere liye bana hi nahi..

कुछ इस तरह मशरूफ रहते हैं


कुछ इस तरह मशरूफ रहते हैं, तेरे ख्वाबों में अब,
 कि तनहा होकर भी, खालीपन का एहसास नहीं आता .
 साफ़ नज़र आता है, सादी दीवारों पर चेहरा तेरा ,
 तस्वीर सजाकर उसे धुंधला करना, अब रास नहीं आता

तुम्हारे हर राज की हमराज बन जाना चाहती हूँ ,

Wednesday, October 5, 2011 · Posted in


तुम्हारे हर राज की हमराज बन जाना चाहती हूँ ,
तुम्हारी आँखो के ख्याब बन जाना चाहती हूँ मै,
तुम्हारे कदमो की आहट बन जाना चाहती हूँ मै,
तुम्हारे दिल का हर अहसास हो जाना चाहती हूँ मै,
तुम्हारे मन का विश्वास  बन जाना चाहती हूँ...!

इस कदर हम यार को मनाने निकले!


इस कदर हम यार को मनाने निकले!
उसकी चाहत के हम दिवाने निकले!
जब भी उसे दिल का हाल बताना चाहा!
उसके होठों से वक़्त न होने के बहाने निकले

अंगड़ाई पर अंगड़ाई लेती है रात जुदाई की


अंगड़ाई पर अंगड़ाई लेती है रात जुदाई की
तुम क्या समझो तुम क्या जानो बात मेरी तन्हाई की
कौन सियाही घोल रहा था वक़्त के बहते दरिया में
मैंने आँख झुकी देखी है आज किसी हरजाई की
वस्ल की रात न जाने क्यूँ इसरार था उनको जाने पर
वक़्त से पहले डूब गए तारों ने बड़ी दानाई की
उड़ते-उड़ते आस का पंछी दूर उफ़क़ में डूब गया
रोते-रोते बैठ गई आवाज़ किसी सौदाई की...

गम ही गम मिला है सुबह शाम मुझे यारो


गम ही गम मिला है सुबह शाम मुझे यारो...
 उनकी यादों मे सोए है सुबह शाम यारो...
 ये जिंदगी अगर घुट के ही कटनी है अगर यारों...
 तो इस बेजान जिंदगी को सलाम यारों...

जागते है हम तन्हा रातों मे...


जागते है हम तन्हा रातों मे...
खोता है दिल उनकी बातों मे...
मिली नही दिल की मंज़िल आज तक...
क्यूंकी दर्द ही दर्द लिखा है इन हाथों मे...
दर्द की किताब है मेरी जिंदगी.

मेरा नसीब मुझसे खफा हो जाता है...


मेरा नसीब मुझसे खफा हो जाता है...
अपना जिसे मानु वो बेवफा हो जाता है...
शिकायत मुझे हमेशा रात से है...
ख्वाब पूरा होता नही की सवेरा हो जाता है..

दिल मे आता है जब ख़याल उनका


दिल मे आता है जब ख़याल उनका...
 तस्वीर से पूछते है फिर हाल उनका...
 वो कभी हमसे पूछा करते थे जुदाई क्या है...
 आज समझ मे आया सवाल उनका