गम ही गम मिला है सुबह शाम मुझे यारो

Wednesday, October 5, 2011 · Posted in


गम ही गम मिला है सुबह शाम मुझे यारो...
 उनकी यादों मे सोए है सुबह शाम यारो...
 ये जिंदगी अगर घुट के ही कटनी है अगर यारों...
 तो इस बेजान जिंदगी को सलाम यारों...

जागते है हम तन्हा रातों मे...


जागते है हम तन्हा रातों मे...
खोता है दिल उनकी बातों मे...
मिली नही दिल की मंज़िल आज तक...
क्यूंकी दर्द ही दर्द लिखा है इन हाथों मे...
दर्द की किताब है मेरी जिंदगी.

मेरा नसीब मुझसे खफा हो जाता है...


मेरा नसीब मुझसे खफा हो जाता है...
अपना जिसे मानु वो बेवफा हो जाता है...
शिकायत मुझे हमेशा रात से है...
ख्वाब पूरा होता नही की सवेरा हो जाता है..

दिल मे आता है जब ख़याल उनका


दिल मे आता है जब ख़याल उनका...
 तस्वीर से पूछते है फिर हाल उनका...
 वो कभी हमसे पूछा करते थे जुदाई क्या है...
 आज समझ मे आया सवाल उनका