Hamara Haal Kab Poocha Gaya Hay

Thursday, September 15, 2011 · Posted in , ,

Hamara Haal Kab Poocha Gaya Hay Hamain Hasrat Say Bas Dekha Gaya Hay Kisi Ko Khud Say Barh Kar Chahnay Ka Muhabbat Nam Q Rakkha Gaya Hay Woh Kal Hoga Jahan Ki Thokroun May Abhi Barh Kar Jisay Chooma Gaya Hay Yahan Jis Nay Bhi Ahcay Sher Likhay Usi Ka R aasta Rokha Gaya Hay Mere Zakhmoun Say Andaza Laga Lo K Mujhay Ko Kis Qadar “CHAHA GAYA HAY...:(((

चाँद पर दाग हैं

Thursday, September 8, 2011 · Posted in , , ,

चाँद पर दाग हैं सबने कहा चाँद पर दाग हैं मैं नही माना इक तन्हा रात को मैं उससे पूछ बैठा की "ऐ चाँद क्या तुझ पर दाग हैं" वो बोला ये दाग नही माँ का टिका हैं जो मुझे दुनिया की नज़र से बचाता हैं ,,, इंसान ईस बात को समझना नही चाहता उसे तो कमी निकालने की लत पड़ गयी हैं ,,, मैं चुपचाप बैठा उसकी बाते सुन रहा था ,, वो बोला क्या हुआ तुम इतने चुप क्यूँ हो गए नज़रे झुकाकर मैं बोला "मैं भी इक इंसान हूँ"

एक रात हुई बरसात बहुत

एक रात हुई बरसात बहुत मैं रोया सारी रात बहुत हर गम था जमाने का लेकिन मैं तनहा था उस रात बहुत फिर आंख से ईक सावन बरसा जब सहर हुई तो ख्याल आया वो बादल कितना तनहा था जो बरसा सारी रात बहुत

रही न साँस में ख़ुशबू

रही न साँस में ख़ुशबू तो भाग फूट गए गया शबाब तो अपने पराए छूट गए कोई तो छोड़ गए कोई मुझको लूट गए महल गिरे सो गिरे, झोंपडे भी टूट गए