दर्द की बाज़ार खुली परी हैं !

Friday, October 14, 2011 · Posted in


दर्द की बाज़ार खुली परी हैं !
वो चीज न लो जो अंदर से जली परी हैं !!
वफ़ा का तलाश छोर दो एय दोस्तों....!
ये दुनियाँ बेवफाओ से भरी परी हैं !

कौन किसको दिल में जगह देता है


कौन किसको दिल में जगह देता है,
पेड़ भी सूखे पत्ते गिरा देता है..
वाकिफ़ हैं हम दुनियाँ के रिवाज़ से,
साँस रुक जाए तो कोई अपना ही जला देता है.